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शुक्रवार, जून 04, 2010

बधाई हो सर , आपको 25 लाख की लॉटरी लगी है!

फिलहाल इस तरह की ठगी ई-मेल और एसएमस से हो रही थी, लेकिन अब इस तरह के ई-मेल और एसएमएस के प्रति लोगों में जागरुकता आने से ठगों ने ठगी का नया फंडा 'मिस कॉलÓ देकर कॉल करवाने का निकाल लिया है।

'मिस कॉलÓ से ठगी का नया फंडा
संजय स्वदेश
नागपुर।
अभी तक किसी अज्ञात नंबर से एक बड़ी रकम की लॉटरी लगने का संदेश भेजकर मोबाइल धारकों को झांसा देकर ठगा जा रहा था। लेकिन अब ठगों ने ठगी का नया तरीका ढंूढ़ लिया है। वे अब कॉल या एसएमएस नहीं करते हैं। वे एक के बाद एक लगातार मिस कॉल देते हैं। अनजाने नंबर से लगातार मिस कॉल आने पर मोबाइल धारक यह सोचते हैं कि शायद यह नंबर किसी अपने ही परिचित का हो, इसलिए वे उस नंबर पर कॉल करते हैं। कॉल करने पर बधाई देते हुए कहा जाता है कि आपको 25 लाख रुपये की लॉटरी लगी है। इसे पाने के लिए आप हमारे मुख्य आफिस में संपर्क करें। इतना ही सुनते ही कॉल करने वाले असमंजस में पड़ जाते हैं। जब व्यक्ति मुख्य आफिस का नंबर लेकर कॉल काटता है, तब तक उसके मोबाइल खाते से एक अच्छी-खासी रकम की चपत लग चुकी होती है। दरअसल जिस नंबर से ऐसे मिस कॉल आ रहे हैं, वे अंतरराष्ट्रीय नंबर होते हैं। उस पर कॉल करना साधारण कॉल दर से काफी महंगा है। ऐसा ही एक रविकांत कांबले के साथ हुआ। कांबले ने बताया कि सुबह-सुबह करीब 5:15 पर उनके पास हर दो मिनट पर एक ही नंबर से उन्हें चार बार कॉल मिस कॉल आया। एक के बाद एक लगातार चार बार कॉल आने से कांबले को लगा कि शायद उनका ही कोई अपना परिचित है जो किसी किसी मुसीबत में है और मिस कॉल दे रहा है। जब उस नंबर पर कॉल किया तो उसे कहा गया 'बधाई हो सर, आपको 25 लाख की लॉटरी लगी है, इस रकम को पाने के लिए आप हमारे हेड ऑफिस से संपर्क करें।Ó कांबले ने बताया कि यह सुनते ही मैं समझ गया कि कुछ गड़बड़ है। इसलिए मैंने उल्टे उनसे ही पूछा कि यदि तुम्हारी कंपनी की लॉटरी लगी है तो मिस कॉल क्यों दे रहे हो। तब उन्होंने बोला कि हमारे पास इतना टाइम नहीं होता कि सबको कॉल करके बताएं। यह सुन कांबले ने झुंझलाकर फोन काट दिया। तब तक करीब 40 second बात हो चुकी थी। पर इस अवधि की बातचीत के लिए उनके मोबाइल से करीब 40 रुपये कट चुके थे। इस तरह की ठंगी के शिकार अकेले कांबले ही नहीं है। अज्ञात नंबर से हर दिन देश भर के सैकड़ों लोगों को मिस कॉल दिया जा रहा है। अज्ञात नंबर से लगातार चार बार सुबह-सुबह मिस कॉल पर पर झुंसलाए अधिकार लोग कॉल कर यह जनने की कोशिश है कि उन्हें परेशान करने वाला है कौन? यह जानने की कोशिश में ही वे ठगे जाते हैं। मजेदार बात यह है कि अज्ञात नंबर से आने वाले कॉल भारती नंबर की तरह की दस डिजीट के होते हैं।
जानकारों का कहना है कि जिस नंबर से मिस काल आता है, दरअसल वे एक तरह के खास विदेशी नंबर हैं। उस नंबर पर कॉल करने से आम कॉल रेट से ज्यादा शुल्क लगता है। ऐसे नंबरों पर जितनी देर तक बातचीत होती है, उसका एक हिस्सा उस विशेष नंबरधारक के खाते में भी जाता है। फिलहाल इस तरह की ठगी ई-मेल और एसएमस से हो रही थी, लेकिन अब इस तरह के ई-मेल और एसएमएस के प्रति लोगों में जागरुकता आने से ठगों ने ठगी का नया फंडा 'मिस कॉलÓ देकर कॉल करवाने का निकाल लिया है।

सोमवार, फ़रवरी 22, 2010

आईसीआईसीआई बैंक पर 1.10 करोड़ का जुर्माना

नागपुर। महानगर पालिका नागपुर ने निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रतिष्ठित बैंक आईसीआईसीआई पर 1.10 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना बैंक की ओर से बेचे जाने वाले सोने के सिक्कों के बदले चुंगी नहीं भरने के कारण लगाया गया है। सोने के सिक्के बेचने वाले अन्य बैंक एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बढ़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, कारपोरेशन बैंक, इंडियन बैंक और कोटक एंड महिन्द्र बैंक को भी शामिल है। चुंगी विभाग के सूत्रों की माने तो इन बैंकों ने भी मनपा को चुंगी कर नहीं चुकाया है। लिहाजा, इन्हें भी नोटिस थमा दिया गया है। नोटिस के खिलाफ कोटक एंड महिंन्द्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉरपोरेशन बैंक ने मनपा के इस कार्रवाई के खिलाफ अपील की है। चुंगी विभाग के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक ने वर्ष 2003 से अपनी शाखाओं में सोने के सिक्के बेचने की शुरूआत की थी। बैंक के मुंबई शाखा से नागपुर लाए गए सोने के सिक्के के बदलने नागपुर में चुंगी कर नहीं भरा गया था। इसके लिए मनपा ने बैंक को पहले ही नोटिस दिया था। बैंक को सोने के सिक्के के मूल्य के एक प्रतिशत की दर से चुंगी कर भरना था। समय पर चुंगी कर नहीं भरने के कारण बैंक पर एनएमसी एक्ट के तहत निर्धारित दर से दस गुने दर के हिसाब से चुंगी कर का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि मनापा की कार्रवाई के बाद बैंक ने शनिवार को मनपा चुंगी विभाग को जुर्माने की आधी रकम 55 लाख रुपया जमा कर दिया है। बाकी की रकम 15 दिनों के अंदर भरने का वायदा किया है।